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कोई हाथ पकड़ेगा तो मैं टेंटुआ पकड़कर बाहर ले जाऊंगा’ भाजपा विधायक टांकड़ा का वीडियो वायरल
किसानों की मेहनत पर वार, फसल रौंदकर निकाला रास्ता
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कोई हाथ पकड़ेगा तो मैं टेंटुआ पकड़कर बाहर ले जाऊंगा’ भाजपा विधायक टांकड़ा का वीडियो वायरल

दौसा | जिले के बसवा क्षेत्र में विकास रथ यात्रा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब बांदीकुई से भाजपा विधायक भागचंद टांकडा सबडावली गांव में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति द्वारा विकास कार्यों को लेकर बात कहते हुए विधायक का हाथ पकड़ने का प्रयास किया गया. इसी बात से नाराज विधायक ने मंच से तीखे शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद बसवा थाना पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया
उनके 5 साल गिन लेना और मेरे 2 साल गिन लेना
विधायक ने आगे कहा “अगर किसी जाति विशेष को लगता है कि संख्या के दम पर दबाव बनाया जा सकता है, तो वह भूल जाए. मैं भी इसी विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला हूं. स्वाभिमान मेरा भी है. ग्राम पंचायत को लेकर विवाद था, मैंने दोनों पक्षों को बैठाकर सहमति कराने का प्रयास किया. मेरा काम लोगों को लड़ाना नहीं है. किसी को डिबेट करनी है तो आ जाना उनके 5 साल गिन लेना और मेरे 2 साल गिन लेना
टेंटवा पकड़कर बाहर ले जाऊंगा मैं
संबोधन में विधायक भागचंद टांकडा ने कहा “मुझे कहते हैं भागचंद टांकडा. किसी को कोई गलतफहमी हो, चश्मे चढ़े हों तो उतार ले, बदल ले. मैं किसी से दबने वाला व्यक्ति नहीं हूं. कोई हाथ पकड़कर काम करवाने की बात करे, तो यह कोई तरीका नहीं है. हाथ पकड़कर उठाने की बात करेगा, तो मैं टेंटुआ पकड़कर बाहर ले जाऊंगा.
आपका कोई काम है, दो बताओ, पांच बताओ, लेकिन काम बताने का भी एक तरीका होता है. जायज काम होंगे तो जरूर होंगे, लेकिन इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
विधायक की नाराजगी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, वहीं समर्थक इसे विधायक का स्वाभिमानी रुख बता रहे हैं, तो विपक्ष इसे जनप्रतिनिधि के व्यवहार से जोड़कर देख रहा है
किसानों की मेहनत पर वार, फसल रौंदकर निकाला रास्ता
नियमों को ताक पर रखकर किया सड़क निर्माण कार्य चालू, पूर्व का प्रशासन सही या वर्तमान अब यह है जांच का विषय, हो रहा है सरकारी पैसे का दुरुपयोग
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स डिजिटल डेस्क ! रामवीर कसाना

पांचोली गांव में सड़क निर्माण को लेकर नियमों की अनदेखी के आरोप
दौसा। सड़क निर्माण कार्य में नियमों की खुली अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूरा मामला सिकराय उपखंड क्षेत्र के पांचोली गांव का है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण से पहले राजस्व विभाग की आवश्यक अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इससे पूरे निर्माण कार्य की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए न तो राजस्व रिकॉर्ड की विधिवत जांच की गई और न ही हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया। आरोप है कि उपखंड अधिकारी द्वारा मौके की आवश्यक जांच रिपोर्ट तैयार किए बिना और अंतिम स्वीकृति से पहले ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। नियमों के अनुसार भूमि की प्रकृति सरकारी या निजी होने की स्थिति स्पष्ट करना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
पूर्व आपत्ति के बावजूद जारी रखा गया निर्माण
जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि पर पूर्व में भी आपत्ति दर्ज की जा चुकी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने निर्माण कार्य को नहीं रोका। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बिना ही योजना को स्वीकृति दे दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है।
पुराना रास्ता चालू, फिर भी नया रास्ता बनाया जा रहा
ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर पहले से रास्ता मौजूद है। यह रास्ता लगभग 25 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा बनवाया गया था और आज भी चालू है। इसके बावजूद प्रशासन ने खड़ी फसल को रौंदकर नए रास्ते का निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई समझ से परे है और इसके पीछे भ्रष्टाचार की आशंका है।
खातेदारों ने लगाए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप
खातेदार सीताराम गुर्जर और मुकेश गुर्जर ने प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पटवारी अशोक कुमार की मौका रिपोर्ट और ऑनलाइन नक्शा ट्रेस के अनुसार उनकी भूमि का फ्रंट एरिया 208 मीटर दर्शाया गया है, जबकि मौके पर नापतोल में यह कम पाया गया।
खातेदारों का कहना है कि पूर्व से बना रास्ता भी उनकी निजी खातेदारी भूमि में आ रहा है। यह रास्ता करीब 150 मीटर तक मुकेश गुर्जर की खातेदारी भूमि में पहले से मौजूद है। रास्ते के दूसरी ओर खसरा नंबर 628 स्थित है, जो चरागाह भूमि बताई जा रही है।

सीमा ज्ञान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
पटवारी अशोक कुमार की रिपोर्ट के अनुसार खसरा नंबर 604 रिकॉर्ड में रास्ता दर्ज है, जिसकी चौड़ाई लगभग चार मीटर है। 8 नवंबर 2024 को हल्का पटवारी पांचोली, पीलोडी, करोड़ी और चांदेरा के पटवारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न खसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान सीमा ज्ञान में 12 से 16 मीटर तक का अंतर सामने आया।
इसके बाद संयुक्त टीम ने भू-प्रबंधन विभाग को सीमा ज्ञान के लिए पत्र लिखा। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भू-प्रबंधन विभाग की टीम ने इस भूमि का सीमा ज्ञान किया या नहीं। खातेदारों का आरोप है कि बिना सीमा ज्ञान के ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण
खातेदारों का कहना है कि मानपुर-सिकराय रोड पर स्थित उनकी व्यावसायिक भूमि पर हाईकोर्ट का स्थगन आदेश भी है। इसके बावजूद खड़ी फसल के बीच नए रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर किस मजबूरी में प्रशासन ने यह कार्य शुरू कराया।
ग्राम पंचायत से उठे सवाल
खातेदार सीताराम गुर्जर ने बताया कि उनकी खातेदारी भूमि के पास लगभग 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन सरपंच खैराती लाल बैरवा ने सीमा ज्ञान के बाद रास्ता बनवाया था। वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत ने उसी रास्ते को ग्रेवल सड़क में बदला। इसके बाद 2022 में वर्तमान सरपंच गुलाब बैरवा ने इसी रास्ते का नवीनीकरण कराया, जिस पर लाखों रुपये खर्च किए गए।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुराना रास्ता गलत स्थान पर था तो वर्षों तक उस पर सरकारी पैसा क्यों खर्च किया गया। यदि रास्ता सही था, तो अब नए रास्ते के निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताया है।
पटवारी और सरपंच का पक्ष
जब इस मामले में पटवारी अशोक कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि वे केवल अपने अधिकारियों के आदेशों की पालना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही और गलत का निर्णय अधिकारी ही करेंगे। सीमा ज्ञान को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
वहीं, वर्तमान सरपंच गुलाब बैरवा ने कहा कि यह विभागीय त्रुटियों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संशोधन के लिए ग्रामीणों की ओर से एसडीएम कार्यालय में आवेदन किया गया है। हालांकि, संशोधन से पहले ही खड़ी फसल को नष्ट कर नए रास्ते का निर्माण शुरू करने को लेकर वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने किए बालाजी महाराज के दर्शन

मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
दौसा। शनिवार दोपहर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विश्वविख्यात आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। यहां उन्होंने बालाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
इस दौरान मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।
मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच हुए दर्शन
मंदिर ट्रस्ट के सिद्धपीठ महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने स्वयं मुख्यमंत्री की अगवानी की। इसके बाद मंत्रोच्चार, शंखनाद और जयकारों के बीच मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज के दर्शन किए।
साथ ही उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर सोने के चोले का टीका लगाकर विशेष अनुष्ठान किया गया।
देश की सुख-समृद्धि की कामना
दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश में शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके अलावा बालाजी महाराज को सवामणी का भोग भी अर्पित किया गया, जो धाम की प्रमुख धार्मिक परंपरा मानी जाती है।
भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार के भी किए दर्शन
बालाजी महाराज के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार के भी दर्शन किए। तीनों देवस्थानों में दर्शन कर उन्होंने आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास का अनुभव किया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस रही अलर्ट
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दौसा और करौली जिले की पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली।
भाजपा जिला अध्यक्ष को मंदिर परिसर से बाहर भेजने का मामला
मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं। हालांकि इस दौरान मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें मंदिर परिसर से बाहर भेज दिया।
लक्ष्मी रेला ने बताया कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं, डीएसपी धर्मराज चौधरी ने स्पष्ट किया कि उन्हें समझाकर सीएम के स्वागत की व्यवस्था के लिए बाहर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।
महंत नरेशपुरी महाराज से की शिष्टाचार भेंट
दर्शन के बाद मुख्यमंत्री महंत निवास पहुंचीं। यहां उन्होंने सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आध्यात्मिक, सामाजिक और धार्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
इस अवसर पर दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रिश्तों की मर्यादा है हुई तार-तार! बेटे पर मां से दुष्कर्म का मामला दर्ज
दौसा – जिले में रिश्तों की मर्यादा तार-तार करने का मामला सामने आया. मां ने अपने गर्भ में जिस बेटे को नौ माह रखा, उसी पर मां से दुष्कर्म करने का गंभीर प्रकरण दर्ज हुआ है. यह मामला सिर्फ पुलिस रजिस्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र में चर्चा और हैरानी का विषय बन गया
रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी मदन लाल ने बताया कि पीड़िता के दो बेटे हैं. बड़े बेटे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है. पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया. पुलिस टीम ने घटनास्थल पर परिस्थितियों की जांच की. कमरे की स्थिति, दरवाजों के लॉक, पीड़िता के बयान और संभावित डिजिटल साक्ष्य जांच में शामिल किए. पुलिस जांच में जुट गई है
पति ने दर्ज कराया केस
घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जब पीड़िता अपने कमरे में अकेली सो रही थी. तभी बड़ा बेटा कमरे में आया और दुष्कर्म कर भाग गया. मामले की जानकारी पीड़िता के पति को लगी तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उसने तुरंत थाने जाकर अपने बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया
जांच में जुटी पुलिस – एसएचओ मदनलाल ने बताया कि पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी नशे में था. क्या पहले भी किसी तरह का विवाद या अप्राकृतिक व्यवहार देखा गया था. क्या परिवार में कोई अंदरूनी तनाव चल रहा था. जांच अधिकारी का कहना है कि हर पहलू की जांच होगी
अनुपम अपार्टमेंट, प्रताप नगर में बदहाल व्यवस्था — निवासियों ने उप आवासन आयुक्त से की त्वरित हस्तक्षेप की मांग
जयपुर ( न्यूज़ राजस्थान टाइम्स )। प्रताप नगर स्थित अनुपम अपार्टमेंट (राजस्थान हाउसिंग बोर्ड अंतर्गत) में रह रहे सैकड़ों परिवार इस समय गंभीर अव्यवस्थाओं से परेशान हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान न होने पर निवासियों ने उप आवासन आयुक्त श्री संजय शर्मा को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

आपकी आवाज़, भरोसे के साथ
सफाई व्यवस्था चरमराई — स्वच्छता बनाए रखना मुश्किल
निवासियों ने बताया कि पूरे परिसर में मात्र 5–7 सफाईकर्मी नियुक्त हैं, जिससे रोजाना स्वच्छता बनाए रखना संभव नहीं हो पाता। कचरा उठाने वाली गाड़ी भी नियमित नहीं आती, जिसके कारण कई जगहों पर कचरा जमा हो रहा है।
लिफ्टें बंद, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे ज्यादा प्रभावित
बी1 ब्लॉक की लिफ्ट अब तक शुरू नहीं हो सकी है। वहीं A3, A4 और A5 ब्लॉक की लिफ्ट लंबे समय से खराब पड़ी हैं। अन्य ब्लॉकों में भी लिफ्टों की लाइट, फायर अलार्म और पैनल सिस्टम क्षतिग्रस्त हैं। निवासियों ने इसे दुर्घटना का बड़ा खतरा बताया और सभी लिफ्टों के तत्काल मेंटेनेंस की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्था कमजोर — रात में छेड़छाड़ और चोरी की घटनाएँ
वर्तमान में केवल दो सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर हैं, जिससे इतने बड़े परिसर की निगरानी असंभव है। निवासियों ने रात्रिकालीन सुरक्षा बढ़ाने, अतिरिक्त गार्ड तैनात करने और मुख्य गेट पर 4 CCTV कैमरे लगाने की मांग की है।
अधूरे कार्यों का बोझ झेल रहे हैं निवासी
निवासियों ने आरोप लगाया कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने बिना मेंटेनेंस पूरा किए ही कब्जे दे दिए। कई जगह ब्लॉकों के बीच सुरक्षा प्लेटें तक नहीं लगाई गईं, जो गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
पानी की सप्लाई भी संकटग्रस्त
सोसाइटी में 4 बोरिंग होने के बावजूद केवल एक ही मोटर चालू है, जिससे सभी 9 ब्लॉक्स में पानी सप्लाई की जा रही है। लगातार भार से मोटर के खराब होने का खतरा बना रहता है। निवासियों ने शेष 3 बोरिंग में भी मोटर लगाने की मांग रखी।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सामने आई अनियमितताएँ
स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह कसाना ने बताया कि सोसाइटी में अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं और निवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से चुनावी अधिकार हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। निवासियों का स्पष्ट कहना है कि मतदान का अधिकार केवल वास्तविक अधिकृत कब्जाधारकों को ही मिले।
कार्रवाई न होने पर बढ़ती नाराज़गी
निवासियों ने बताया कि इन मुद्दों को कई बार लिखित में RHB को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है और वे तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
निवासियों का स्पष्ट संदेश
“सोसाइटी की समस्याएँ अब दैनिक जीवन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्रभावित करने लगी हैं। आवासन मंडल तत्काल हस्तक्षेप करे,” निवासियों ने ज्ञापन में लिखा।
इस दौरान इंद्राज मीणा, एडवोकेट जितेंद्र दायमा, जगदीश शर्मा, हेमंत, अमन चौधरी, सनी कुमार मीणा, पुखराज जाट, मोहनलाल, शेरसिंह व ओमप्रकाश यादव सहित अन्य निवासी मौजूद रहे।
सिकंदरा में खाद की कालाबाजारी, छापे की भनक लगते ही टीम पहुंचने से पहले खाली कर दिया गया गोदाम
दौसा जिले में जहां किसान यूरिया खाद की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निजी खाद विक्रेताओं द्वारा मनमाने दाम वसूलने और कालाबाजारी करने की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसान एक-एक बोरी खाद के लिए रात-दिन भटक रहे हैं, जबकि कुछ व्यापारी यूरिया का स्टॉक कर इसे दोगुने–तीन गुने दामों पर बेच रहे हैं।
सिकंदरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन छापे की भनक लगने के कारण संबंधित गोदाम पहले ही खाली कर दिया गया था।
मनमाने रेट पर यूरिया बेचते दुकानदार
रविवार शाम को सिकंदरा कस्बे की खाद-बीज की दुकानों पर कृषि विभाग ने निरीक्षण किया। टीम के सामने कई दुकानदार सरकारी तय दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचते मिले। इससे जुड़ी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
कृषि अधिकारी ओमप्रकाश बैरवा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को उचित दर पर खाद दिलवाया और स्पष्ट संदेश दिया कि—
“यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत लेता है, तो तुरंत शिकायत करें।”
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स ने किया खुलासा – 270 रुपये का कट्टा 350 रुपये तक बेचा जा रहा था
ग्रामीणों की बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी लंबे समय से कार्रवाई नहीं कर रहे थे।
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स द्वारा मामले को उठाने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहाँ ग्रामीणों की शिकायतें सही पाई गईं। दुकानदार यूरिया खाद 270 रुपये का कट्टा 330–350 रुपये तक बेच रहे थे, साथ ही खाद के साथ अन्य उत्पाद भी जबरदस्ती थोपे जा रहे थे।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या विभाग इन कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा?
कृषि अधिकारी ओमप्रकाश बैरवा का बयान
“ग्रामीणों एवं मीडिया के माध्यम से सिकंदरा क्षेत्र में चल रही कालाबाजारी की जानकारी मिली। शिकायत पर मौके पर पहुंचकर पाया कि दुकानदार मनमर्जी रेट वसूल रहे थे और अन्य प्रोडक्ट भी जबरन बेचे जा रहे थे। कई ग्रामीणों को उचित रेट पर यूरिया उपलब्ध करवाया। पूरे प्रकरण की सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” – ओमप्रकाश बैरवा, कृषि अधिकारी
अनुपम अपार्टमेंट में बढ़ती समस्याएँ, बिना पूरा काम हुए दे दिया गया था पजेशन — आवासन मंडल पर उठ रहे सवाल
जयपुर। प्रताप नगर सेक्टर–26 में हाल ही में निर्मित अनुपम अपार्टमेंट में रहने वाले निवासियों की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थिति यह है कि अपार्टमेंट का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा हुए बिना ही निवासियों को पज़ेशन दे दिए गए, जिसके बाद से लोग कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

अपार्टमेंट में लिफ्ट की बार-बार खराबी, ब्लॉकों के बीच खतरनाक खाली जगह, पानी की अनियमित आपूर्ति, अधूरा पड़ा मेंटेनेंस कार्य, चोरी की घटनाएँ, तथा साफ–सफाई की बेहद खराब स्थिति जैसी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं। निवासियों का कहना है कि इन समस्याओं की सूचना राजस्थान आवासन मंडल को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

स्थानीय समाजसेवी एवं कसाना ब्रदर्स एंटरटेनमेंट के संस्थापक राजेंद्र गुर्जर ने बताया कि अपार्टमेंट का निर्माण अधूरा होने के बावजूद लोगों को पज़ेशन दे दिया गया, जिससे आज निवासी दिक्कतों के बीच रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा—
“अनुपम अपार्टमेंट का निर्माण अधूरा है और मूलभूत सुविधाएँ भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। विभाग को बिना संपूर्ण कार्य पूर्ण किए पज़ेशन नहीं देना चाहिए था। आज निवासियों को लिफ्ट, पानी, साफ–सफाई और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”

निवासियों का कहना है कि
- लिफ्ट की खराबी से बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
- ब्लॉकों के बीच बड़ा गैप लगातार दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहा है।
- पानी की अनियमित सप्लाई से दिनभर की दिनचर्या प्रभावित होती है।
- मेंटेनेंस कार्य अधूरा है और कई जगहों पर निर्माण की कमियाँ साफ दिखाई देती हैं।
- चोरी की घटनाएँ बढ़ने से असुरक्षा का वातावरण है।
- और साफ–सफाई की कमजोर व्यवस्था स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है।
निवासियों ने आवासन मंडल से मांग की है कि वह तुरंत प्रभाव से निर्माण की कमियों को दूर करे और सभी सुविधाएँ पूर्ण रूप से उपलब्ध कराए, ताकि लोग सुरक्षित और सहज वातावरण में रह सकें।
प्रेपहब लाइब्रेरी में फ़ाउंडर डायरेक्टर डॉ. उदित डालोरा का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
जयपुर। प्रेपहब लाइब्रेरी में रविवार को फ़ाउंडर डायरेक्टर डॉ. उदित डालोरा का जन्मदिन उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। लाइब्रेरी स्टाफ, स्टूडेंट्स और मेंबर्स ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए उनके शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
डॉ. उदित डालोरा ने प्रेपहब लाइब्रेरी को शहर के प्रमुख अध्ययन केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में लाइब्रेरी लगातार छात्रों को बेहतर अध्ययन वातावरण, संसाधन और सहयोग प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सफलता की कामना की।
प्रेपहब टीम ने भी उनके मार्गदर्शन और प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स की ओर से डॉ. उदित डालोरा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
दौसा (बांदीकुई) – बड़ी खबर: भांवता गांव में 17 वर्षीय छात्र का संदिग्ध अवस्था में मिला शव, क्षेत्र में मचा हड़कंप
रिपोर्ट – न्यूज़ राजस्थान टाइम्स (आर.एस. कसाना)
दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड के भांवता गांव में शुक्रवार सुबह 17 वर्षीय छात्र महेश योगी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। महेश, जो कक्षा 12 का छात्र था, गुरुवार सुबह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा।
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने खेतों के पास महेश का शव देखा और तुरंत कोलवा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह पता चल सकेगा कि मामला हत्या, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से जुड़ा है।
उधर, ग्रामीणों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि छात्र की रहस्यमयी मौत कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जिनका जवाब पुलिस को जल्द देना चाहिए।
कोलवा थाना पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
सांगानेर में हरिशंकर रेस्टोरेंट की छत गिरी, मचा हड़कंप — बाल-बाल बचे लोग
न्यूज़ राजस्थान टाइम्स (आर.एस. कसाना) | जयपुर
जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया, जब हरिशंकर रेस्टोरेंट की छत अचानक ढह गई। हादसे के वक्त रेस्टोरेंट में कई ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे। गनीमत यह रही कि सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत का एक हिस्सा अचानक तेज आवाज के साथ नीचे गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य में मदद की और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सांगानेर थाना पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्टोरेंट के पूरे ढांचे को सुरक्षा कारणों से घेर लिया गया। प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि पुरानी छत में नमी और कमजोर निर्माण के कारण यह हादसा हुआ।
फायर ब्रिगेड और निगम इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन की स्थिरता की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने रेस्टोरेंट को फिलहाल बंद रखने और पूरे ढांचे की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेस्टोरेंट पुरानी बिल्डिंग में चल रहा था और कई बार छत से पानी टपकने की शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
यह घटना सांगानेर क्षेत्र में बिल्डिंग सेफ्टी और रेगुलर इंस्पेक्शन की लापरवाही को भी उजागर करती है।
फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

